कोरोनावायरस:: बचाव के लिए फेस मार्क्स के सार्वजनिक इस्तेमाल को लेकर मतभेद
, डब्ल्यूएचओ अपने रुख पर कायम कुछ देशों में फेस मास्क अनिवार्य
नई दिल्ली पूरी दुनिया में कोरोनावायरस कोविड-19 महामारी के संक्रमित लोगों का आंकड़ा 78600 को पार कर चुका है ऐसे समय में जबकि हर तरफ भ्रम की स्थिति बनी हुई है यह बड़ी जोर पकड़ रही है कि कोरोनावायरस से बचाव के लिए क्या हर व्यक्ति का फेस मास्क पहनना अनिवार्य होना चाहिए मौजूदा हालात में दुनिया में एक और कुछ देश इस मामले में डब्ल्यूएचओ के पक्ष का ही अनुसरण कर रहे हैं और प्रचार प्रसार कर रहे हैं कि ऐसे स्वास्थ्य नागरिक को फेस मास्क की कोई जरूरत नहीं है जो किसी रोक की तीमारदारी में नहीं लगे हैं यानी फेस मास्क उन्हीं के लिए जरूरी है जो संक्रमण का शिकार है जिनके संक्रमित होने की आशंका है या फिर जो संक्रमित की देखभाल कर रहे हैं एक पहलू यह भी है कि दुनिया भर में मानकों पर खरे उतरने फेस मास्क की है और चिकित्सा के लिए उपलब्धता सुनिश्चित कर प्राथमिकता में है दूसरे और ऐसे देश में जहां यह तो पहले से ही संस्कृत कारणों से लोगों की आदत का हिस्सा है या फिर महामारी फैलने के बाद इनकी रोकथाम के लिए सरकार इन्हें पहनना अनिवार्य कर रही हैं हाल ही डब्ल्यूएचओ के कार्यकारी निर्देशक डॉ माइक ने जोर देकर कहा था कि इस संबंध में डीईओ के रुख में कोई बदलाव नहीं आया
, एशियन के कुछ हिस्सों में पहना जा रहा मास्क
, एशियन:. एशिया के कुछ हिस्सों में लोगों ने स्वता ही मास्क पहनना शुरू कर दिया है क्योंकि उन्हें ऐसा करना अधिक सुरक्षित लगता है चीन हांगकांग जापान थाईलैंड और ताइवान ने धारण है कि वायरस का वाहक स्वास्थ्य व्यक्ति भी हो सकता है इसलिए सब के हित में दूसरों को संक्रमण से बचाने के लिए मांस के पहनना चाहिए एक और इस क्षेत्र में कुछ सरकारों हर किसी से मास्क पहनने को कह रही है वहीं चीन के कुछ हिस्सों में ऐसा ना करने पर व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया जा सकता है और दंडित भी किया जा सकता|
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https://still85.blogspot.com/2020/03/c-o-r-o-n-national-heath-mission.html
Thankyou for read my blog.
, डब्ल्यूएचओ अपने रुख पर कायम कुछ देशों में फेस मास्क अनिवार्य
नई दिल्ली पूरी दुनिया में कोरोनावायरस कोविड-19 महामारी के संक्रमित लोगों का आंकड़ा 78600 को पार कर चुका है ऐसे समय में जबकि हर तरफ भ्रम की स्थिति बनी हुई है यह बड़ी जोर पकड़ रही है कि कोरोनावायरस से बचाव के लिए क्या हर व्यक्ति का फेस मास्क पहनना अनिवार्य होना चाहिए मौजूदा हालात में दुनिया में एक और कुछ देश इस मामले में डब्ल्यूएचओ के पक्ष का ही अनुसरण कर रहे हैं और प्रचार प्रसार कर रहे हैं कि ऐसे स्वास्थ्य नागरिक को फेस मास्क की कोई जरूरत नहीं है जो किसी रोक की तीमारदारी में नहीं लगे हैं यानी फेस मास्क उन्हीं के लिए जरूरी है जो संक्रमण का शिकार है जिनके संक्रमित होने की आशंका है या फिर जो संक्रमित की देखभाल कर रहे हैं एक पहलू यह भी है कि दुनिया भर में मानकों पर खरे उतरने फेस मास्क की है और चिकित्सा के लिए उपलब्धता सुनिश्चित कर प्राथमिकता में है दूसरे और ऐसे देश में जहां यह तो पहले से ही संस्कृत कारणों से लोगों की आदत का हिस्सा है या फिर महामारी फैलने के बाद इनकी रोकथाम के लिए सरकार इन्हें पहनना अनिवार्य कर रही हैं हाल ही डब्ल्यूएचओ के कार्यकारी निर्देशक डॉ माइक ने जोर देकर कहा था कि इस संबंध में डीईओ के रुख में कोई बदलाव नहीं आया
Hey
, एशियन के कुछ हिस्सों में पहना जा रहा मास्क
, एशियन:. एशिया के कुछ हिस्सों में लोगों ने स्वता ही मास्क पहनना शुरू कर दिया है क्योंकि उन्हें ऐसा करना अधिक सुरक्षित लगता है चीन हांगकांग जापान थाईलैंड और ताइवान ने धारण है कि वायरस का वाहक स्वास्थ्य व्यक्ति भी हो सकता है इसलिए सब के हित में दूसरों को संक्रमण से बचाने के लिए मांस के पहनना चाहिए एक और इस क्षेत्र में कुछ सरकारों हर किसी से मास्क पहनने को कह रही है वहीं चीन के कुछ हिस्सों में ऐसा ना करने पर व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया जा सकता है और दंडित भी किया जा सकता|
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